राज्य प्रवक्ता
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले में पुलिस की ओर से 26 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए तथा मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल 2026 की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याचिका ऊधमसिंह नगर निवासी कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने दायर की थी, जिसमें अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने तथा एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनका इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है तथा उनके बीच कोई विवाद भी नहीं था।
उल्लेखनीय है कि शनिवार देर रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र में एक होटल में काशीपर निवासी सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने एक वीडियो बनाया था, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में सुखवंत सिंह ने कई पुलिस अधिकारियों सहित कुछ कथित प्रॉपर्टी डीलरों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
सुखवंत सिंह का आरोप था कि उनके साथ जमीन के मामले में धोखाधड़ी हुई है। कुछ लोगों ने उनके करीब चार करोड़ रुपए ठग लिए, जब उन्होंने इस मामले की पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने भी उन्हें न्याय दिलाने के बजाए आरोपियों का ही साथ दिया।
इस प्रकरण पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। यह कार्रवाई मृतक के भाई की तहरीर पर की गई थी। पुलिस ने अमरजीत सिंह, दिव्या, रवीन्द्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविन्दर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महिपाल सिंह, शिवेन्द्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेन्द्र, राजेन्द्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवन्त सिंह बक्सौरा, बिजेन्द्र, पूजा और जहीर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
