राजेश कोली
राज्य प्रवक्ता
अनुसूचित जाति का एक ऐसा व्यक्ति जो समाज सेवा में लगातार अपना जीवन खपा रहा है। उसकी एक विशेषता यह है कि वह मानसिक बीमारों की भावना को समझता है। चावल की खाली बोरी या फिर प्लास्टिक समेत अन्य सामान को बोझ बनाकर सर पर ढोते मानसिक बीमार की वह हर चाल को जाता है।
राजेश कोली को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की पारखी नजरों ने पहचाना और उसे अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य के रूप में सेवा का अवसर दिया है। कल यानि शुक्रवार को पौड़ी के अगरोडा के नजदीक बसे एक गांव का यह युवा पद भार ग्रहण करेगा। गांव के साथ ही क्षेत्र के दलित परिवारों में खुशी का माहौल है। राजेश कोली मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं – सरकार ने यह जिम्मेदारी दी है और जिस आयोग के वे सदस्य बने हैं, उसका लाभ सभी तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है।
