गुमशुदा बच्चे को उपहार देते उीजीपी दीपम सेठ।
ऑपरेशन स्माइल केवल खोज न होकर, मानवीय संवेदना व समर्पण का प्रतीक : पुलिस महानिदेशक
राज्य प्रवक्ता
प्रदेश में गुमशुदा बच्चों, महिलाओं व पुरुषों की तलाश के लिए पुलिस का ऑपरेशन स्माइल अभियान अपनों के खो जाने पर आंखों से छलकते आंसूओं को खुशियों में बदलने की दिशा में सफल हो रहा है। यही वजह भी है कि पुलिस अब इस अभियान को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। साल 2024 में पुलिस ने 2509 गुमशुदा को उनके परिजनों को सौंपा।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अभियान की समीक्षा करने के साथ ही कहा कि अब अभियान को नई तकनीक से जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। बातचीत में उन्होंने बताया अभियान का पहला चरण 01 मई से 30 जून 2024 तक चलाया गया। इस दौरान 1370 और 15 अक्टूबर से 15 दिसम्बर 2024 तक 1139 गुमशुदा बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा। उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर व नैनीताल में 4-4 व अन्य जनपदों व रेलवे में 1-1 टीम गठित कर कुल 26 खोज टीमों का गठन किया गया। प्रत्येक टीम में महिला पुलिसकर्मी की नियुक्ति की गई है। मात्र यही नहीं बल्कि प्रदेश एवं सीमावर्ती राज्यों में मिले लावारिस शवों की पहचान कर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपने का कार्य भी इस अभियान के तहत किया गया।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ऑपरेशन स्माइल केवल एक पुलिस कार्यवाही नहीं, बल्कि यह एक मानवीय प्रयास है, जो परिजन वर्षों से अपने अपनों की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन परिवारों के लिए आशा की नई किरण बना है । उत्तराखण्ड पुलिस की यह सफलता उसकी संवेदनशीलता और सेवा भाव का प्रमाण है। ऑपरेशन स्माइल वर्ष 2015 से लगातार संचालित किया जा रहा है, जिसमें साल दर साल उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। पिछले 10 वर्षों में इस अभियान में 3331 बच्चे, 1627 पुरुष, 2162 महिलाएं सहित कुल 7120 गुमशुदाओं को बरामद कर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है। सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिस टीमों ने अपनी कार्यशैली, प्रतिबद्धता और समर्पण से इस अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए अगले चरण की शीघ्र शुरूआत की जाएगी, जिसमें नेटग्रिड सहित अन्य एडवांस तकनीक के उपयोग से पुराने मामलों की भी पुनः समीक्षा कर वर्षों से लंबित गुमशुदगी के मामलों में बरामदगी के हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे।
