प्रतीकात्मक चित्र
‘पानी रे पानी’ गर्मी बढ़ते ही संकट शुरू, मुख्यमंत्री ने कसे पेच, समस्या आने पर तत्काल समाधान के निर्देश
राज्य प्रवक्ता
उत्तराखंड में ग्रीष्म की शुरूआत में ही पेयजल संकट गहराने लगा है। जिलों से लगातार पेयजल किल्लत की शिकायतें दर्ज होने के बाद सरकार पेयजल समस्या के समाधान की तैयारियों में जुट गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रीष्मकाल में पेयजल की समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में पेयजल एवं स्वच्छता सचिव शैलेश बगोली ने हर जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं और नियंत्रण कक्षों में दर्ज शिकायतों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय शिकायत निवारण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-4100 व 1916 पूर्व से ही क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था के प्रभावी अनुश्रवण व स्थानीय स्तर पर शीघ्र समाधान के लिए राज्य के सभी 13 जनपदों में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। नियंत्रण कक्ष अधिशासी अभियंता स्तर से प्राप्त शिकायतों की नियमित निगरानी कर त्वरित समाधान करेंगे। कर त्वरित समाधान कराया जा रहा है। सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा सभी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है।
जनपदवार नियंत्रण कक्ष व नियुक्त प्रभारी
जिला प्रभारी दूरभाष
देहरादून सतेन्द्र कुमार गुप्ता 0135-2676260
टिहरी प्रशांत भारद्वाज 01376-232154
उत्तरकाशी एल.सी. रमोला 01374-222206
हरिद्वार विपिन कुमार 01334-226360, 262099
पौड़ी शिव कुमार राय 01368-222015
चमोली सुशील सैनी 01372-252341
रुद्रप्रयाग अयनीश एम. पिल्लई 01364-233226
नैनीताल रविशंकर लोशाली 05946-220776
उधमसिंह नगर तरुण शर्मा 05944-243711
अल्मोड़ा नीरज तिवारी 05962-234049
बागेश्वर चन्दन सिंह देवरी 05963-222038
पिथौरागढ़ सुरेश चंद जोशी 05964-225237
चंपावत बिलाल यूनुस 05965-230485
