बेसिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल
राज्य प्रवक्ता
बेसिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ कल जो कुछ हुआ उसे शिक्षा जगत पर हमला माना जा रहा है। माजरा क्या था इस पर गौर करें तो बेसिक शिक्षा निदेशालय ने डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के लिए 1649 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार है लेकिन अब एक वर्ग जिनके बच्चे अभी डीएलएड कर रहे हैं और अभी उनकी परीक्षा भी शेष वह मांग करते हैं कि जब तक उनके बच्चों का रिजल्ट आता है तब तक भर्ती प्रक्रिया रोकी जाए। इस मांग को लेकर कुछ नेता भी शिक्षा निदेशालय पहुंचते हैं और हंगामा करने लगते हैं। इस बीच बेसिक शिक्षा के निदेशक अजय कुमार नौडियाल हाईकोर्ट के एक मामले में ऑनलाइन कोर्ट में हाजिर थी। शोर इतना होता है कि उन्हें संचार में बाधा होने लगती है।
इस पर वे बाहर आते हैं और एक महिला जोर-जोर से चिलाते हुए उनके कॉलर पकड़ लेती है, इस बीच अपने को छुडाने की कोशिश में बेसिक शिक्षा निदेशक के हाथ में महिला का मोबाइल आ जाता है, फिर एक और हंगामा करते हुए निदेशक के साथ धक्का-मुक्की होने लगती है और जो जिसके मन में आता है बक जाता है।
शिक्षा क्या खाला का घर है कि जो आए कॉलर पकड़ लें। पहले बात अभी परीक्षा हुई नहीं और भर्ती रोक दो। एक नए किस्म की जिद्द है और अपनी तरह का पहला मामला। इस तरह तो राजकाज चलना मुश्किल ही है। बेसिक शिक्षा निदेशक एक उच्च शिक्षित, अनुभवी और शिक्षा के विशेषज्ञ लेकिन इस तरह से होना, निंदनीय है। अब यहां सवाल यह भी उठता है कि ये लोग आफिस में क्यों घुसे। मांगों को लेकर कार्यालय के बाहर धरना भी दिया जा सकता था। फिलवक्त शिक्षा विभाग में ज्ञात-अज्ञात पर सरकारी कामकाज में बाधा डालने और अन्य धारों में मुकदमा दर्ज कराया है।
कल घटना के बाद शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थाओं को पत्र जारी किया है, और भर्ती प्रक्रिया रोकने के लिए अभिभावकों को शिक्षा निदेशालय भेजने वाले डीएलएड प्रशिक्षितों को चिन्हित किया जा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
