उत्तराखंड
राज्य प्रवक्ता
उत्तराख्ंड में फिलहाल शांति है, बरसात का पानी बह गया लेकिन दूर पहाड़ों में आपदा की असहनीय वेदना के आंसू अभी बह रहे हैं। दूर पहाड़ों की सिसकियां राजधानी के शोर में सुनाई ने नहीं देती लेकिन हां अब राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुट गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज एक दूसरे पर तीरों की बौछार कर रहे हैं। एक दिलचस्प बयान हरीश रावत का सामने आया है, उन्होंने कहा है कि उदार ब्राहमणों को राजनीति की कमान सौंपी जाएगी। अब यह बयान हरीश रावत की कौन सी सियासी चाल है, यह जल्द ही साफ भी हो जाएगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने इस पर जरूर यह कहा है कि हरि अनंत, हरिकथा अनंत।
राज्य की स्थापना को 25 वर्ष होने जा रहे हैं और इसे जश्न के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। पहली नवंबर से प्रदेश में उत्सव शुरू हो जाएंगे और 9 नवंबर तक प्रदेश भर में धूम रहेगी। इस बीच कांग्रेस ने सवाल उठाया कि विधानसभा का विशेष सत्र जो 3 व 4 नवंबर को होना है, गैरसैण में क्यों आयोजित नहीं किया जा रहा है। सत्र गैरसैण में होना ही चाहिए। कांग्रेस ने गैरसैण की उपेक्षा का आरोप लगाया है। इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि यह आयोजन प्रदेश की उपलब्धियों का उत्सव है और इसे दिव्य व भव्य रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का संकल्प लिया जाएगा। बयानों का दौर जारी है। यह अब 2027 तक चलता रहेगा।
इस बीच कांग्रेस संगठन के प्रदेश सचिव सूर्यकांत धस्माना ने सरकार और बेरोजगारों से यूकेएसएसएससी को लेकर सवाल पूछा है कि आखिर क्या हुआ सीबीआई जांच का। कांग्रेेस ने मांग की थी हाईकोर्ट की सिटिंग जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच हो लेकर सब बंठाधार हो गया। उनका साफ कहना है कि सरकार और बेरोजगारों के नेतृत्व में घालमेल नजर आ रहा है। कांग्रेस गैरसैण राजधानी, यूकेएसएसएससी, अंकिता हत्या कांड में वीआईपी, आपदा प्रभावितों की उपेक्षा, खनन, विज्ञापनों की बंदरबांट, जमीनों की खरीद-फरोख्त समेत अन्य मुद्दों को तेज कर रही हैं। वहीं भाजपा सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के साथ ही 2047 को लेकर काम कर रही है। मोदी है तो मुमकिन है, यह भाजपा का प्रमुख नारा है। यानी मोदी विधानसभा चुनाव के प्रमुख हथियार होंगे।
भाजपा और कांग्रेस संगठन की स्थिति पर नजर दौड़ाए तो कांग्रेस में जिलाध्यक्षों के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होनी है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट का कहना है कि संगठन का सृजन अभियान पूरा हो गया है और रिपोर्ट एआईसीसी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के साथ साझा की गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल के साथ व्यक्तिगत चर्चा कर सभी पक्षों के विचार सुने गए। सभी सुझावों के आधार पर हाईकमान जल्द ही निर्णय लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर देगा।
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि भाजपा के राज में उत्तराखंड का चहुंमुखी विकास हुआ है और डब्बल इंजन की सरकार ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार युक्त शासन को समाप्त कर स्वच्छ व पारदर्शी शासन दिया है। फिलवक्त भाजपा आत्मविश्वास से लबरेज है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का एक और बयान सामने आया कि जल्द ही भाजपा के कई नेता पार्टी से किनारा कर लेंगे वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टकराव की स्थिति पैदा होगी और उनके प्रमुख नेता भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बयानों के तीर दोनों तरफ से चल है और अब उत्तराखंड में सियासी पार तेजी से चढ़ने जा रहा है। फिलवक्त देखना यह है कि कांग्रेस मुद्दों को लेकर भाजपा को कहां तक घेर पाती है और भाजपा कौन सा पैंतरा अपनाती है।
तीसरी चर्चा में यूकेडी है, यूकेडी लगातार आंदोलनों में सक्रिय है और मूल निवास 1950 का बड़ा हथियार यूकेडी की कमान में है। यूकेडी म्यांन में से यह हथियार बाहर निकालने की कोशिश में तो जुटी हुई है लेकिन अब तक आशातित सफलता दल को नहीं मिल पाई है।
