केदारनाथ में भगवान भकुंड भैरव की पूजा अर्चना करते तीर्थ पुरोहित व पूजा में शामिल स्थानीय गांवों के लोग।
राज्य प्रवक्ता
-वैदिक पूजा-अर्चना के साथ किया धार्मिक परंपराओं का निर्वहन
-मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने किया भैरवनाथ का किया अभिषेक
केदारनाथ धाम में बाबा केदार के क्षेत्रपाल के रुप में पूजनीय भगवान भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। धाम के मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने यज्ञ-अनुष्ठान के साथ ग्रीष्मकाल की अंतिम पूजा की। आगामी 23 अक्तूबर को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसी दिन बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। बाबा केदार की डोली छह माह की शीतकालीन पूजा के लिए 25 अक्तूबर को ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएगी।
शनिवार को दोपहर 12 बजे केदारनाथ के मुख्य पुजारी बागेश लिंग, धर्माधिकारी अरविंद शुक्ला सहित अन्य हक-हकूकधारी भैरवनाथ मंदिर पहुंचे। यहां पर आराध्य की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने भगवान भैरवनाथ का श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाया। साथ ही परंपरानुसार पंच पूजा, महाभिषेक पूजा की गई। साथ ही यज्ञ-हवन किया गया।
इस मौके पर भगवान भैरवनाथ अपने पश्वा अरविंद शुक्ला परअवतिरत हुए और भक्तों को सुख-समृद्वि का आशीर्वाद दिया। इसक उपरांत भगवान भैरवनाथ की पूजा की गई और विधि-विधान के साथ भगवान भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस मौके पर केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, मंत्री अंकित सेमवाल, बीकेटीसी के कार्यधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, आचार्य संजय तिवारी, नवीन शुक्शा, तेज प्रकाश व पंकज शुक्ला आदि थे।
