राजभवन घेराव से पहले परेड ग्राउंड में जमा कांग्रेस कार्यकर्ता।
राज्य प्रवक्ता
कांग्रेस के राजभवन घेराव के दौरान जो जोश कांग्रेस में दिखा वह निश्चित रूप से भाजपा में खलबली मचाने वाला रहा। कांग्रेस पूरी ताकत के साथ राजभवन की ओर बढ़ी। गणेश गोदियाल की नेतृत्व क्षमता का यह एक शक्ति परीक्षण भी था पर सवाल अभी भी पुराना है कि क्या कांग्रेस भीड़ को वोट में बदल पाएगी। बहरहाल कांग्रेस अंकिता भंडारी, परीक्षाओं में धांधली, सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार, अंकिता हत्या कांड, खनन, भू खरीद फरोख्त समेत अन्य मुद्दों को लेकर देरहादून से आंदोलन का बिगुल बजा चुकी है और इसकी घमक सत्ता के गलियारों में भी गूंज रही है।
भाजपा अब इसका करारा जवाब देने के भरसक प्रयासों में जुटी है और सनातन कार्ड के साथ चुनावी रणनीति की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के हल्ला बोल का असर भाजपा पर साफ नजर आया। कांग्रेसी अभी दिनभर हल्ला कर घर भी नहीं लौटे थे कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रात में भाजपा के प्रदेश व जिला पदाधिकारियों को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया। भोज के साथ 2027 विधानसभा पर चर्चा हुई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन मंत्री अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत आदि इस भोजन में शामिल हुए। इस दौरान हुई बैठक में यह भी साफ नजर आया कि भाजपा अब सनातक का कार्ड चुनाव में इस्तेमाल करने जा रही है। यानि हिन्दुत्व बचाओ मुख्य एजेंडा होगा।
फिलवक्त इससे बड़ा हथियार भी भाजपा के पास नजर नहीं आता। इसके अलावा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण भी जोर दिया गया। इससे यह तो स्पष्ट है कि अब भाजपा कार्यकर्ता फुल टाइम वर्कर की तरह काम करेंगे, यानि 24 घंटे की सेवा देंगे। महेंद्र भट्ट ने इस दौरान यह भी कहा कि जनता का विश्वास हासिल करना है और इसके लिए सभी एकजुट हो जाए।
ये तो रही भाजपा की बात। अब कांग्रेस पर चर्चा करें तो फिलहाल कांग्रेस के बिखरे ध्रुव एक नजर आ रहे हैं। सोमवार को उम्र दराज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पैदल नहीं चल पाए तो वे स्कूटर से रैली में शामिल हुए। प्रीतम सिंह, हरक सिंह, करन महारा पूरे दल बल और झंडे डंडे लेकर घेराव में शामिल हुए। गणेश गोदियाल चेहरा लाल कर भाजपा पर तमाम अस्त्र चलाते नजर आए।
मुद्दों को लेकर आंखों में गुस्सा और तमतमाएं चेहरे के साथ गोदियाल ने भाजपा को ललकार दी है। बहरहाल कांग्रेस ने देहरादून से शुरूआत की है और अब जिला स्तर पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेंगे। कांग्रेस प्रदेश के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर अब जिलों में हल्ला करने जा रही है। घेराव में दूर-दराज से पहुंचे लोगों से बातचीत हुई। अधिकतर का कहना है कि गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद लोगों में विश्वास जगा है और निश्चित रूप गोदियाल का नेतृत्व परिवर्तन लाएगा।
