राहुल गांधी
राज्य प्रवक्ता
विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा और कांग्रेस चुनावी रणनीति में जुट गई है। अभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन देहरादून में पार्टी संगठन के पेंच कस कर जा चुके हैं। रूठे हुए कुनवे को मनाने की उनकी कोशिशें कितनी सफल हुई यह तो आने वाले वक्त बताएगा लेकिन भाजपा के संगठन मंत्री को उत्तराखंड से राजस्थान रवाना कर दिया गया। पता ये भी चला है कि कुछ और का भी पत्ता कट सकता है।
फिलक्त गणेश गोदियाल पौड़ी में डटे हैं और राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों में पसीना बहा रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 4 जून को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में रैली को संबोधित करेंगे। अल्मोड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल रोज अपडेट ले रहे हैं। इसी दिन राहुल गांधी पौड़ी के कंडोलिया मैदान में पूर्व सैनिकों के कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।
उत्तराखंड के आंदोलनों में अहम भूमिका निभाने वाली पौड़ी में यह कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। कंडोलिया मैदान में कार्यक्रम का अर्थ है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से भी कार्यक्रम में लोग मौजूद रहेंगे। गोदियाल पौड़ी में डटे हैं। गोदियाल कार्यक्रम के हर पहलु पर नजर रखे हुए हैं।
अल्मोड़ा व पौड़ी में राहुल गांधी के आगमन की तैयारियों चल रही है। गणेश गोदियाल कार्यक्रम के प्रत्येक इंतजाम पर नजर रखे हुए हैं। कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ घर-घर राहुल गांधी के आने का संदेश दे रहे हैं। असल में आंदोलन की भूमि कही जाने वाली पौड़ी में राहुल गांधी का कार्यक्रम कांग्रेस के लिए अहम है और यही वजह है कि गोदियाल पूरी ताकत के साथ व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा ऐतिहासिक रहेगा और इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंडोलिया खेल मैदान में चल रहे सुधारीकरण कार्य को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद सर्किट हाउस में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारियां तय कीं।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटें। प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर गुटबाजी और भ्रष्टाचार के मुद्दे अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
