देहरादून में सौंग, रिस्पना, टौंस, बिंदाल सभी नदिया का प्रचंड वेग
राज्य प्रवक्ता
भारत मौसम विज्ञान केंद्र ने आज 24 घण्टों में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग, टिहरी व उत्तरकाशी के कुछ स्थानों में भारी वर्षा के बाढ़ व जलभराव का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। सभी प्रमुख नदिया खतरे के निशान के पास बह रही है।
राज्य में लगातार बारिश के चलते हालत बिगड़ते जा रहे हैं। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, अलकनंदा समेत अन्य प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पास बह रही है। इन नदियों के किनारे विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नदी किनारे रह रहे लोगों से आवासीय भवन खाली करवाए जा रहे हैं और पुलिस लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सचेत कर रही है। वहीं गाड-गदेरों के नजदीक आवासीय भवनों को भी सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
देहरादून की बिंदाल, टौंस, रिस्पना व सौंग नदियों के किनारे लोगों को भी प्रशासन ने सचेत किया है। लगातार बारिश से इन नदियों का जल स्तर बढ़ने से कई आवासीय भवन खतरे में हैं।
सचिव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में सभी जिलों को चेतावनी जारी की है। जिलों को सभी आवश्यक संसाधन जुटाते हुए बारिश को देखते हुए सर्तक रहने को कहा गया है।
राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने जारी की गाइड लाइन
अनुसचिव राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र के ड्यूटी ऑफिसर नंदराम सिंह ने जिलों को गाइड लाइन जारी की है। गाइड लाइन के अनुसार कार्य करने को कहा गया है।
-प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाये रखते हुए आवागमन में नियंत्रण बरता जाये।
-किसी भी आपदा, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जायें।
-आपदा प्रबन्धन प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे।
-राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोनिवि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, सीमा सड़क संगठन आदि किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की दशा में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करेंगे।
-समस्त राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने तैनाती क्षेत्रों में बने रहेंगे।
-समस्त चौकी/थाने भी आपदा संबंधी उपकरणों एवं वायरलैस सैट आदि सहित हाई अलर्ट में रहेंगे।
-किसी भी अधिकारी, कर्मचारी के मोबाइल फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे।
-अधिकारीा बरसाती, छाता, टार्च, हैलमेट, कुछ आवश्यक उपकरण एवं सामग्री अपने वाहनों में अपने स्तर से रखने की उचित कार्यवाही करेंगे।
-इस अवधि में लोगों के फंसे होने की स्थिति पर खाद्य सामग्री व मेडिकल की व्यवस्था की जायें।
-विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों में सावधानी बरती जायें।
-असामान्य मौसम, भारी वर्षा की चेतावनियों के दौरान उच्च हिमालयी
क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को अनुमति न दी जाये।
-संबंधित जनपदों के जिला सूचना अधिकारी चेतावनी को आम जनमानस तक दृश्य एवं प्रिन्ट मीडिया से प्रसारित करना सुनिश्चित करेंगे व आम जनमानस को सूचित किया जाए कि वह इस अवधि में अनावश्यक घर से बाहर न निकले।
-भू-स्खलन के लिए संवेदनशील मार्गों पर पहले से ही उपकरणों की उचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें।
-समस्त सम्बन्धित अधिकारी किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 0135-2710334, टोल फ्री नं0 1070, 9058441404 एवं 8218867005 पर तत्काल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।
