छेनागाड़ बाजार पूरी तरह से तबाह
राज्य प्रवक्ता
उत्तराखंड में लगातार बारिश आफत बनकर बरस रही हैं। चमोली जिले तहसील देवाल के मोपाटा गांव में अतिवृष्टि से आई बाढ़ में पति-पत्नी के लापता होने की सूचना है जबकि इसी गांव के विक्रम सिंह व उनकी पत्नी घायल हो गए। वहीं रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार उप तहसील और जखोली ब्लॉक के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिवृष्टि से बड़े स्तर पर नुकसान है।
छेनागाड़ बाजार पूरी तरह से तबाह हो गया है। बताया जा रहा है कि यहां 18 से 20 लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने की सूचना पर दुःख जाहिर किया है।
उन्होंने स्थानीय जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने से धारी देवी मंदिर तक पानी पहुंच गया है और मंदिर में पानी समाने की संभावना बनी हुई है। उत्तरकाशी में पापड़गाड से भारी मलबा आने से यहां गंगा में झील बनने लगी है।
बारिश अब मानवीय सुविधाओं के साथ ही जीवन के लिए भी संकट बनती जा रही है। उत्तराखंड में लगातार मूसलाधार बारिश से नुकसान बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह से लगातार बारिश के चलते देर रात चमोली जिले के देवाल तहसील के गांव मोपाटा में अतिवृष्टि के बाद बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। बाढ़ के साथ आए मलबे में मोपाटा गांव के तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे है जबकि इसी गांव के विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हैं। इसके आवास गौशालाओं पर भी बारिश कहर बनकर बरसी। बताया जा जा रहा है कि गौशालाओं के मलबे में 15 से 20 जानवर दब गए।
वहीं रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार उप तहसील और जखोली ब्लॉक के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिवृष्टि ने तबाही मचाई है। जखोली ब्लाक का छेनागाड़ बाजार पूरी तरह से तबाह हो गया है। यहां 18 से 20 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। साथ ही जखोली ब्लॉक के किमाणा-दानकोट में भी बादल फटने से ग्रामीण सम्पतियों को नुकसान हुआ है। खटोली गांव और बड़ेथ गांव में प्राचीन मंदिर भी ध्वस्त हो गए हैं। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटनाओं की पूरी जानकारी ली जा रही है। अतिवृष्टि से मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन मौके पर मौजूद है और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। सचिव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और दोनों जिलों के जिलाधिकारी से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।
रुद्रप्रयाग में डीएम ने की आपात बैठक, पूरे पहाड़ में बारिश से संकट
जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से नुकसान की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी ने आपदा कंट्रोल रूम में आपत बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। राहत एवं बचाव के लिए टीमें आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दी गई है।
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों पर तेजी से कार्य करने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग व अन्य एजेंसियों को प्रभावित क्षेत्रों की ओर रवाना कर दिया है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक जो सूचनाएं मिली है उसके अनुसार स्यूर गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन (बोलेरो) बहने की सूचना है। बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आ रहा है और खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित किया जा रहा है। किमाणा गांव में खेती की भूमि बहने के साथ ही सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा आया है। अरखुण्ड में मछली तालाब व मुर्गी फार्म बहने की सूचना। इसके अलावा छेनागाड़ बाजार में मलबा भरने व वाहनों के बहने की सूचना। छेनागाड़ डुगर गांव में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा जौला बड़ेथ गांव में भी कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
वहीं जनपद चमोली में अतिवृष्टि से नंदप्रयाग, कमेड़ा, भनेरपानी, पागलनाला, जिलासू के पास गुलाबकोटी व चटवापीपल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध है। मार्ग खोलने के लिए टीमें मौके की ओर रवाना की गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर न निकलें और पुलिस प्रशासन व पुलिस के जारी अपडेट का पालन करें।
उत्तरकाशी जिले के ब्लॉक भटवाड़ी स्थित पापडगाड ऊफान पर है। यहां सीमा सड़क संगठन के पुल पर खतरा मंडरा रहा है। अतिवृष्टि से गंगोत्री हाईवे कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में है। गंगोत्री यात्रा पूर्ण तरह ठप है। उत्तरकाशी में पापड़गाड से भारी मलबा आने से यहां गंगा में झील बनने लगी है।
वहीं टिहरी जिले के भिलंगना विकास खंड में अतिवृष्टि से बालगंगा और धर्मगंगा के जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। नैलचामी क्षेत्र में बारिश के कारण हुए भूस्खलन से ठेला गांव के मयाल गाड में आए मलबे से किसानो की खड़ी फसल को भारी नुकसान। घनसाली तिलवाड़ा मार्ग जखनियाली के समीप चट्टान टूटने से बंद है।
कुमाऊं मंउल के बागेश्वर जिले में अतिवृष्टि के चलते सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। जिलाधिकारी ने आज जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।
चम्पावत जिले में भी लगातार बारिश से हाल बेहाल हैं। यहां टनकपुर- पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर भूस्खलन से मलबा आने के कारण बंद है। भारी बारिश को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिले के कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।
पिथौरागढ़ जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा व खराब मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने शासकीय, अशासकीय व निजी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में अवकाश घोषित किया है।
इसके अलावा अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने से धारी देवी मंदिर तक पानी पहुंच गया है और मंदिर में पानी समाने की संभावना बनी हुई है।
